Friday, October 3, 2025

पेड़ का तना

 

एक बूढ़ा तना 
भूरा बदसूरत  
अकेला 
अनेको क्षति  
 
गहरी जड़ें  
घनी टहनियाँ  
पक्षियों का घर  
मिट्टी का बाँध  
 
कभी हरा था  
कमजोर 
खड़ा रहा  
हवा की ठोकर में  
पत्तों को उठाए 
धूप में तप कर  
और हो गया  
 
बदसूरत सख़्त  
चोट खाने को सहज़  
यदपि अभी भी  
गहरी जड़ें  
घनी टहनियाँ 
हैं निर्भर  
बूढ़े तने पर  
 
श्वेता सिंघ 
3rd Oct 2025
10:02 PM